According to Jainism kause sangi kaval Aahar nahi karte teen naam bataiye?
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उत्तर
यदि आपका मतलब कवलाहार से है, तो जैन ग्रंथों के अनुसार कवलाहार न करने वाले तीन प्रकार के जीव ये बताए जाते हैं: देव, नारकी और एकेन्द्रिय जीव। ( jainqq.org)व्याख्या
- देव और नारकी जीव कवलाहार नहीं करते। ( jainqq.org)
- एकेन्द्रिय जीव के पास मुख नहीं होता, इसलिए वे कवलाहार नहीं कर सकते। ( jainqq.org)
- जैन परिभाषा में कवलाहार का अर्थ है मुँह से कौर या ग्रास के रूप में भोजन ग्रहण करना। ( jainkosh.org)