कौन से जीव की आत्मा मारकर जू बनी
9
Answer
जैन धर्म के अनुसार किसी एक निश्चित जीव की आत्मा मारकर जू बनी — ऐसा नहीं कहा जाता। जू भी एक जीव-योनि है, जिसमें आत्मा अपने कर्मों के कारण जन्म लेती है।Explanation
जैन सिद्धांत में आत्मा नष्ट नहीं होती। जब कोई जीव मरता है, तो उसकी आत्मा अपने संचित कर्मों के अनुसार नई योनि में जन्म लेती है। इसलिए जू बनना किसी “मारने” की वजह से नहीं, बल्कि कर्मों के परिणाम से होता है।Spiritual Understanding
जैन धर्म हमें यह सिखाता है कि:- हर जीव में आत्मा है
- छोटे से छोटे जीव का भी जीवन मूल्यवान है
- हिंसा से कर्म बंधता है
- दया, अहिंसा और संयम से आत्मा शुद्ध होती है