धन लोभी मम्मण मरकर क्या हुआ
Answer
कथा के अनुसार, धन-लोभी मम्मण मरकर
मम्मण सेठ बना। उसे बहुत धन मिला, लेकिन साधु के आहार में बाधा डालने के कारण वह उस धन का सुख नहीं भोग सका और जीवनभर केवल तेल और चवले खाकर रहा। (
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Explanation
यह जैन कथा लोभ और दान के फल को समझाने के लिए कही जाती है। मम्मण ने एक लड्डू दान में देकर पुण्य तो कमाया, इसलिए अगले जन्म में उसे धन मिला; लेकिन उसी प्रसंग में हुए अंतराय-कर्म के कारण वह उस धन का उपभोग नहीं कर पाया। (
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Spiritual Understanding
जैन धर्म में यह प्रसंग बताता है कि केवल धन मिलना पर्याप्त नहीं है;
लोभ, अंतराय और असंतोष जीव को सुख से वंचित कर सकते हैं। इसलिए संतोष और दान-भाव को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। (
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Takeaway
इस कथा का सार यह है:
दान से पुण्य मिलता है, लेकिन लोभ और बाधा डालने का कर्म भोग में रुकावट बन जाता है। (
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