जैन परंपरा के अनुसार नाभि कुलकर राजा ने दीक्षा लेकर तपस्या की और यथासमय मोक्ष प्राप्त किया। इसलिए उनकी “अगली गति” को मोक्ष माना जाता है। ( hiwiki.iiit.ac.in)
Explanation
नाभिराज अंतिम कुलकर थे और भगवान ऋषभदेव के पिता थे। उपलब्ध जैन स्रोतों में उनके लिए यह वर्णन मिलता है कि उन्होंने अंत में मुनि-दीक्षा लेकर मुक्ति प्राप्त की। ( hiwiki.iiit.ac.in)
Takeaway
संक्षेप में: नाभि कुलकर राजा की अगली गति मोक्ष मानी जाती है। ( hiwiki.iiit.ac.in)