मातृ पितृ भक्त कुर्मा पुत्र कौन से गति में गए
Answer
कथा के अनुसार कूर्मापुत्र ने अंत में
मोक्ष प्राप्त किया, इसलिए वे
सिद्धगति में गए। (
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Explanation
कूर्मापुत्रचरित में बताया गया है कि कूर्मापुत्र ने
केवलज्ञान प्राप्त किया, फिर अपने शेष कर्मों का क्षय करके
मोक्ष पाया। जैन परंपरा में यह अंतिम अवस्था
सिद्धगति कहलाती है। (
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Takeaway
अर्थात, मातृ-पितृ भक्त कूर्मापुत्र का अंतिम फल
मोक्ष / सिद्धगति माना गया है। (
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