बुद्धि निधान अभय कुमार की गति क्या हुई
Answer
जैन कथाओं के अनुसार बुद्धिनिधान अभयकुमार
वैराग्य लेकर दीक्षा-मार्ग पर चले और उन्हें
मोक्षगामी माना गया है। कुछ ग्रंथों में यह भी आता है कि उनके मानव-जीवन के बाद उनकी
गति विजय विमान में हुई, यानी देवगति मिली। (
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Explanation
यदि आप
“अंतिम गति” पूछ रहे हैं, तो जैन परंपरा में अभयकुमार का आदर्श परिणाम
संयम, साधु-जीवन और मोक्ष की दिशा बताया गया है। यदि आप
“मृत्यु के बाद अगला जन्म” पूछ रहे हैं, तो एक सूत्र-परंपरा में उनका जन्म
विजय विमान में बताया गया है। (
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Spiritual Understanding
अभयकुमार की कथा जैन धर्म में यह सिखाती है कि
बुद्धि का सर्वोच्च उपयोग धर्म, वैराग्य और आत्मशुद्धि के लिए होना चाहिए। उनकी जीवन-गाथा बुद्धि, भक्ति और संयम का सुंदर संगम मानी जाती है। (
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Takeaway
संक्षेप में:
अभयकुमार की गति जैन दृष्टि से मोक्ष-मार्ग की ओर मानी जाती है; और कुछ ग्रंथों में उनकी देवगति विजय विमान बताई गई है। (
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