जैन परंपरा में बलभद्रों की गति सामान्यतः स्वर्ग या मोक्ष मानी गई है। इसलिए “महामुनि बलभद्र जी” के लिए सामान्य उत्तर यही दिया जाता है कि उनकी गति स्वर्ग/मोक्ष की ओर मानी जाती है। ( encyclopediaofjainism.com)
Explanation
जैन ग्रंथों और जैनकोष जैसे स्रोतों में बलभद्रों को ऊर्ध्वगामी बताया गया है, और उनके लिए स्वर्ग या मोक्ष का मार्ग कहा गया है। कुछ बलभद्र तपश्चर्या के बल से मोक्ष गए, और कुछ स्वर्ग गए। ( encyclopediaofjainism.com)