Mahavir swami Bhagwan ke pichchala janam
Answer
जैन परंपरा के अनुसार भगवान महावीर के 27 भव माने जाते हैं। उनके
सबसे प्रसिद्ध पिछले मनुष्य-भव को
मरीचि कहा जाता है। मरीचि, भगवान ऋषभदेव के वंश में, सम्राट भरत के पुत्र थे। (
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Explanation
यदि आप “पिछला जन्म” एक ही रूप में पूछ रहे हैं, तो सामान्य उत्तर
मरीचि है।
जैन ग्रंथों में भगवान महावीर के पूर्व भवों का वर्णन मिलता है, जिनमें
नयसर को प्रथम महत्वपूर्ण भव और
मरीचि को एक अत्यंत महत्वपूर्ण भव बताया गया है। (
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Spiritual Understanding
मरीचि भव का विशेष महत्व इसलिए है क्योंकि जैन परंपरा में यह बताया गया है कि आत्मा के कर्म, अहंकार, और साधना का परिणाम अगले भवों को प्रभावित करता है। भगवान महावीर की आत्मा ने अनेक भवों से होकर अंतिम रूप से तीर्थंकर पद प्राप्त किया। (
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Takeaway
संक्षेप में:
भगवान महावीर का प्रसिद्ध पिछला जन्म मरीचि माना जाता है।
अगर चाहें, मैं
महावीर स्वामी के 27 भवों की संक्षिप्त सूची भी दे सकता हूँ।