Dev vandan me 13 navkar kyu gina jata hai
Answer
देववंदन में 13 नवकार इसलिए गिने जाते हैं क्योंकि देववंदन के बाद होने वाले
क्षुद्रोपद्रव उपशम काउस्सग की विधि में, यदि
उवसग्गहरं स्तोत्र न हो, तो
13 नवकार गिनने का विधान मिलता है। यानी 13 एक
निर्धारित गणना है, नवकार मंत्र की मूल संख्या नहीं। (
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Explanation
इस विधि में पहले देववंदन समाप्त होता है, फिर काउस्सग किया जाता है। उसी अंग में परंपरागत रूप से लिखा है कि 1 नवकार, पूरा लोगस्स, और अगर उवसग्गहरं न आए तो 13 नवकार का काउस्सग किया जाए। इसलिए देववंदन में 13 नवकार का गिनना उसी विशेष विधि का हिस्सा है। (
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Spiritual Understanding
इसका भाव यह है कि वंदना केवल शब्दों का पाठ नहीं, बल्कि
विनय, उपशम और आत्म-शुद्धि की साधना है। निश्चित संख्या से जप करने पर आराधना में अनुशासन और स्थिरता आती है — यह इस विधि का आध्यात्मिक अर्थ समझा जा सकता है। (
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Takeaway
संक्षेप में,
13 नवकार देववंदन के एक विशेष काउस्सग-विधान के अनुसार गिने जाते हैं; यह परंपरागत विधि का अंग है। (
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