यह प्रायः “संग्रहणी गाथा” के नाम से जानी जाती है। इसका उल्लेख जैन आगमों में मिलता है; विशेष रूप से भगवतीसूत्र में संग्रहणी गाथाएँ मिलती हैं, और अनुयोगद्वारसूत्र में भी संग्रहणी गाथाओं का सामान्य उल्लेख है। ( jainelibrary.org)
Explanation
“संग्रहणी” का अर्थ है सार-संग्रह करने वाली गाथा। इसलिए यह किसी एक ही ग्रंथ तक सीमित नहीं होती, बल्कि कई आगमों के प्रारंभ या प्रसंगों में विषय-सूचक रूप में मिलती है। ( jainqq.org)
Takeaway
यदि आप किसी विशेष संग्रहणी गाथा की बात कर रहे हैं, तो उसका ग्रंथ अलग हो सकता है; लेकिन सामान्य रूप से इसका संबंध जैन आगम-साहित्य से है, खासकर भगवतीसूत्र और अनुयोगद्वारसूत्र से। ( jainelibrary.org)