Sandesh vahak Jyotish grah
Answer
अगर आपका आशय जैन ज्योतिष के “ग्रह” से है, तो जैन परंपरा में ज्योतिषी देव पाँच प्रकार के बताए गए हैं: चन्द्र, सूर्य, ग्रह, नक्षत्र और तारा. कुछ जैन ग्रंथों में ग्रहों की संख्या 88 भी बताई गई है. (
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Explanation
जैन दृष्टि में “ग्रह” ज्योतिषी देवों की एक श्रेणी है। सूर्य और चन्द्र को विशेष स्थान दिया गया है, और अन्य ग्रह-नक्षत्र उनके परिवार के रूप में वर्णित हैं. इसलिए “संदेशवाहक ज्योतिष ग्रह” कोई बहुत प्रचलित जैन पारिभाषिक शब्द नहीं लगता; संभव है आप ग्रहों की इस श्रेणी या सामान्य ज्योतिषीय अर्थ पूछ रहे हों. (
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Spiritual Understanding
जैन धर्म में ग्रहों को साधना का मुख्य आधार नहीं माना जाता। जैन ग्रंथों में भी यह भाव मिलता है कि मंत्र-जाप का उद्देश्य ग्रहों को बदलना नहीं, बल्कि अपने मन की शांति और आत्मिक लाभ है. (
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Takeaway
संक्षेप में, जैन ज्योतिष में “ग्रह” ज्योतिषी देवों की एक श्रेणी है, न कि मुक्ति का साधन। जैन साधना का केंद्र आत्म-शुद्धि, संयम और कर्म-क्षय है. (
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