Jain paheli ke anusarSharir shuddhi karte karte atmashuddhi kisne ki
Answer
इस जैन पहेली का सामान्य उत्तर
भगवान बाहुबली माना जाता है, क्योंकि जैन परंपरा में उन्होंने एक वर्ष तक कायोत्सर्ग/उग्र तप किया और उसी साधना से आत्मशुद्धि का आदर्श प्रस्तुत किया गया है. (
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Explanation
जैन धर्म में तप का उद्देश्य केवल शरीर को कष्ट देना नहीं, बल्कि कर्मों की निर्जरा करके आत्मा को शुद्ध करना है. (
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Spiritual Understanding
बाहुबली का उदाहरण यह सिखाता है कि बाह्य साधना तब ही सार्थक होती है जब वह भीतर की आसक्ति, मान और विकारों को कम करके आत्मा को शुद्ध करे. (
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Takeaway
जैन दृष्टि में सच्ची शुद्धि शरीर की नहीं,
आत्मा की होती है. (
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