Jo chovisi tirthankar ki anewali he Unke bare me bataye
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Answer
अगर आप “आने वाली चोवीसी” से भविष्य में आने वाले 24 तीर्थंकर समझ रहे हैं, तो जैन धर्म के अनुसार वे अगली उत्सर्पिणी में प्रकट होंगे। अभी हम अवसर्पिणी काल के अंतर्गत हैं, और इस काल के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी हैं। इस अवसर्पिणी में अब कोई और तीर्थंकर नहीं आएंगे।Explanation
जैन धर्म में समय दो बड़े चक्रों में चलता है:- अवसर्पिणी: धर्म और पुण्य धीरे-धीरे घटते हैं
- उत्सर्पिणी: धर्म और पुण्य धीरे-धीरे बढ़ते हैं
हर आधे कालचक्र में 24 तीर्थंकर होते हैं। तीर्थंकर वे महान आत्माएँ होती हैं जो:
- पूर्ण ज्ञान प्राप्त करती हैं
- मोक्ष का मार्ग दिखाती हैं
- चार संघ की स्थापना करती हैं
- जीवों को आत्मकल्याण की प्रेरणा देती हैं
इसलिए “आने वाली चोवीसी” का अर्थ है: बहुत लंबे समय बाद, अगले कालचक्र में आने वाले 24 तीर्थंकर।
Spiritual Understanding
तीर्थंकरों का प्राकट्य यह सिखाता है कि:- आत्मा में अनंत शक्ति है
- मोक्ष संभव है
- अहिंसा, संयम, तप और सम्यक् दर्शन से मुक्ति का मार्ग खुलता है
भविष्य की चोवीसी हमें यह विश्वास देती है कि धर्म का प्रवाह कभी समाप्त नहीं होता, केवल काल के अनुसार घटता-बढ़ता रहता है।