Dhoov vihi ka Arth?
"Dhoov vihi" (धूव विहि) एक प्राकृत (Prakrit) शब्द है, जो जैन आगमों में मिलता है। इसका अर्थ होता है "धूलि हिंसा" या "धूलि-युक्त स्थान"।
जैन धर्म के अनुसार, "धूव विहि" ऐसे स्थान को कहा जाता है जहाँ धूल उड़ती हो, जैसे रास्ते, सड़क, चलते-फिरते स्थान आदि। इन स्थानों में चलने से सूक्ष्म जीवों (जैसे पृथ्वी कायक, वायु कायक आदि) की हिंसा हो सकती है, क्योंकि धूल में भी अनेक जीव रहते हैं। अतः जैन साधु-साध्वियाँ और अनुयायी ऐसे स्थानों से बचने या वहाँ बहुत सावधानी से चलने का प्रयास करते हैं, ताकि अहिंसा का पालन हो सके।
संक्षिप्त अर्थ: धूव विहि = धूलि युक्त स्थान / धूल उड़ने वाला स्थान, जहाँ सूक्ष्म जीवों की हिंसा की संभावना अधिक हो।
यह अहिंसा के पालन की दृष्टि से महत्वपूर्ण संज्ञा है।