एक कम जो केवल ज्ञान होने के सबसे पहले छह होता है
कृपया अपना प्रश्न थोड़ा स्पष्ट करें।
क्या आपका मतलब यह है:
- केवलज्ञान होने से पहले कौन-से छह कर्म नष्ट होते हैं?
- या केवलज्ञान होने के बाद कौन-से कर्म बाकी रहते हैं?
- या केवलज्ञान प्राप्त होते समय कितने कर्म क्षय होते हैं?
जैन दर्शन के अनुसार, केवलज्ञान प्रकट होने से पहले चार घाती कर्मों का क्षय होता है:
- ज्ञानावरणीय कर्म
- दर्शनावरणीय कर्म
- मोहनीय कर्म
- अंतराय कर्म
इन चार घाती कर्मों के नष्ट होने पर आत्मा में केवलज्ञान प्रकट होता है।
यदि आप “छह” के बारे में पूछ रहे हैं, तो कृपया बताएं कि आप कौन-से छह की बात कर रहे हैं।