46 दोष डालकर आहार करना कौन सी समिति है
46 दोष डालकर आहार करना आहार-समिति (Āhāra-samiti) से संबंधित है।
जैन धर्म में पाँच समितियाँ (सम्यक् आचार या सावधानियाँ) बताई गई हैं, जिनमें से "आहार-समिति" का संबंध आहार ग्रहण करते समय विशेष सावधानी बरतने से है। आहार ग्रहण करते समय 46 प्रकार के दोषों (त्रुटियाँ या अनुचित कृत्य) को त्यागना आवश्यक माना गया है। इन दोषों से बचकर ही आहार करना आहार-समिति का पालन करना कहलाता है।
संक्षेप में: 46 दोष डालकर आहार करना आहार-समिति का उल्लंघन है। आहार-समिति का पालन करने का अर्थ है—आहार ग्रहण करते समय 46 दोषों से बचना।