नरक में बहने वाली नदी कौन सी है
जैन धर्म के अनुसार, नरक (नरक लोक) एक ऐसा स्थान है जहाँ जीव अपने कर्मों के फलस्वरूप कष्ट भोगते हैं। जैन आगम ग्रंथों में नरक के बारे में विस्तार से वर्णन मिलता है, लेकिन वहाँ बहने वाली किसी विशेष नदी का उल्लेख स्पष्ट रूप से नहीं किया गया है, जैसा कि हिंदू या अन्य पौराणिक कथाओं में मिलता है (जैसे - वैतरणी नदी)।
जैन दर्शन में नरक का वर्णन मुख्यतः वहाँ के कष्ट, अंधकार, पीड़ा, और वहाँ निवास करने वाले जीवों के दुख के रूप में किया गया है, न कि वहाँ बहने वाली नदियों के रूप में।
इसलिए, जैन धर्म के अनुसार नरक में बहने वाली किसी विशिष्ट नदी का उल्लेख नहीं मिलता।