Can you write a personal speech for me for my sister's diksha in Hindi ?
नमस्कार,
मैं आज यहाँ अपनी प्यारी बहन की दीक्षा के इस पावन अवसर पर कुछ शब्द कहना चाहता हूँ। यह क्षण न केवल हमारे परिवार के लिए, बल्कि हम सभी के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण और भावुक है।
बहन, जब से हमने साथ में बचपन बिताया, तब से आज तक तुम्हारे संघर्ष, सेवा और साधना को मैंने बहुत करीब से देखा है। तुम्हारा धर्म के प्रति समर्पण, तपस्या और सत्य की खोज हमेशा हम सबके लिए प्रेरणा रही है। तुमने संसारिक मोह-माया को त्यागकर आत्मकल्याण और मोक्ष मार्ग को चुना है, यह अत्यंत साहस और दृढ़ संकल्प का परिचायक है।
जैन धर्म के अनुसार, दीक्षा लेना आत्मशुद्धि, अहिंसा और अपरिग्रह का श्रेष्ठतम मार्ग है। आज से तुम तप, संयम, और त्याग के जीवन में प्रवेश कर रही हो। तुम्हारा यह निर्णय न केवल तुम्हारे लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए भी मार्गदर्शक सिद्ध होगा।
हम सब तुम्हारे इस महत्वपूर्ण निर्णय का सम्मान करते हैं और तुम्हारे उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं। प्रभु महावीर की कृपा तुम पर बनी रहे और तुम सच्चे ह्रदय से आत्मकल्याण की ओर अग्रसर रहो – यही हमारी शुभकामना है।
जय जिनेंद्र!