तीर्थ na nam
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Answer
जैन धर्म में तीर्थ शब्द के दो मुख्य अर्थ हैं:
- तीर्थंकर द्वारा स्थापित धर्म-संघ — साधु, साध्वी, श्रावक और श्राविका का चतुर्विध संघ।
- पवित्र तीर्थ स्थान — जहाँ तीर्थंकरों, सिद्धों या महान संतों की विशेष स्मृति और आराधना जुड़ी हो।
यदि आप जैन तीर्थ स्थानों के नाम पूछ रहे हैं, तो कुछ प्रसिद्ध जैन तीर्थ हैं:
- श्री सम्मेद शिखरजी
- शत्रुंजय तीर्थ — पालिताणा
- गिरनार तीर्थ
- पावापुरी
- चंपापुरी
- अष्टापद तीर्थ
- श्रवणबेलगोला
- रणकपुर
- दिलवाड़ा मंदिर — माउंट आबू
- कुंडलपुर
Takeaway
जैन धर्म में तीर्थ केवल स्थान नहीं, बल्कि आत्मा को सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चारित्र की ओर प्रेरित करने वाला पवित्र माध्यम है।