माता जिसने अपने पुत्र को महाराज को दे दिया
आपका प्रश्न जैन परंपरा में उस माता के बारे में है, जिसने अपने पुत्र को महाराज (राजा) को सौंप दिया। जैन धर्म में इस तरह की कई कथाएँ मिलती हैं, जिनमें माताएँ अपने पुत्रों को धर्म, तपस्या, या किसी उच्च उद्देश्य के लिए त्याग देती हैं।
विशेष रूप से, यह कथा "चंदना" (चंदनबाला) से संबंधित हो सकती है। चंदनबाला जैन धर्म की एक प्रमुख महिला साध्वी थीं, जिनकी माता का नाम लक्ष्मीबाई था। हालाँकि, चंदनबाला को उनके पिता द्वारा राजा को बेच दिया गया था, न कि माता द्वारा।
यदि आप किसी विशेष कथा या प्रसंग की ओर संकेत कर रहे हैं, तो कृपया और जानकारी दें।
जैन धर्म में माता का पुत्र के प्रति त्याग, प्रेम, और धर्म के प्रति समर्पण की कई कथाएँ मिलती हैं, जैसे कि भगवान महावीर की माता त्रिशला, जिन्होंने अपने पुत्र महावीर को दीक्षा लेने की अनुमति दी थी। यह त्याग और वैराग्य का उत्कृष्ट उदाहरण है।
यदि आपके प्रश्न में कोई विशेष पात्र या कथा का उल्लेख है, कृपया स्पष्ट करें, ताकि मैं जैन धर्म के अनुसार अधिक सटीक उत्तर दे सकूं।