हमें किसके कहे तत्वों का अभ्यास करना चाहिए
जैन धर्म के अनुसार, हमें तीर्थंकरों और जिनेंद्र भगवान द्वारा बताए गए तत्वों (सिद्धांतों) का अभ्यास करना चाहिए। तीर्थंकरों ने सम्यक् ज्ञान, सम्यक् दर्शन और सम्यक् चरित्र का मार्ग बताया है। जैन आगमों और शास्त्रों में जिन तत्वों का वर्णन है, जैसे—अहिंसा (अहिंसा), सत्य (सत्य), अचौर्य (अस्तेय), ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह—इनका पालन करना चाहिए। साथ ही, पंच परमेष्ठियों (अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय, साधु) की वाणी और निर्देशों का ध्यानपूर्वक अभ्यास करना चाहिए।