सम्यक दर्शन के ऑटो अंग को संक्षिप्त में समझाइए एवं उन सभी के अन्य नाम भी बताइए
सम्यक दर्शन के नौ अंग (Auto अंग) को संक्षिप्त में समझाते हुए उनके अन्य नाम इस प्रकार हैं:
1. मिथ्यात्व (Mithyatva) अन्य नाम: विपरीत दर्शन अर्थ: सत्य और असत्य का भेद न करना, गलत मान्यता रखना।
2. संशय (Samsaya) अन्य नाम: संदेह अर्थ: धर्म और अधर्म के विषय में संदेह होना।
3. विकल्प (Vikalpa) अन्य नाम: विकल्पित अर्थ: सत्य-असत्य के बीच मन में विकल्प या असमंजस रहना।
4. काकविक्षेप (Kakavikshepa) अन्य नाम: पक्षपात अर्थ: बिना कारण तर्क करना, दूसरों की बातों में दोष निकालना।
5. अग्रह (Agraha) अन्य नाम: आग्रह अर्थ: अपनी गलती पर भी अड़े रहना।
6. अनुग्रह (Anugraha) अन्य नाम: अनुग्रहण अर्थ: दूसरों की बात को बिना सोचे स्वीकार कर लेना।
7. संक (Sanka) अन्य नाम: शंका अर्थ: धर्म के विषय में शंका रखना।
8. संन्यस्त (Sannyasta) अन्य नाम: त्याग अर्थ: सच्चे धर्म को त्याग देना।
9. सम्मिश्र (Sammishra) अन्य नाम: मिश्र अर्थ: धर्म और अधर्म का मिश्रित आचरण करना।
संक्षिप्त सारांश: ये नौ अंग (Auto अंग) सम्यक दर्शन के बाधक माने गए हैं, अर्थात जब तक इनका त्याग नहीं होता, तब तक सम्यक दर्शन की प्राप्ति नहीं हो सकती। इन्हें ‘नौ मुख्य मिथ्यात्व’ भी कहते हैं।
नोट: इन अंगों के अन्य नाम ग्रंथों के अनुसार थोड़ा-बहुत भिन्न हो सकते हैं, परंतु ऊपर दिए गए नाम सबसे सामान्य हैं।