7va upbhog paribhog ke bhed kitne hai
4
Answer
7वें व्रत — उपभोग-परिभोग परिमाण व्रत के मुख्य रूप से 2 भेद माने जाते हैं:
- उपभोग परिमाण
- परिभोग परिमाण
Explanation
उपभोग वह वस्तु है जो एक बार उपयोग करने पर समाप्त हो जाती है, जैसे भोजन, पानी आदि।
परिभोग वह वस्तु है जिसे बार-बार उपयोग किया जा सकता है, जैसे वस्त्र, घर, बर्तन, वाहन आदि।
इस व्रत में श्रावक अपनी आवश्यकता के अनुसार इन वस्तुओं की मर्यादा तय करता है, ताकि भोग-विलास, आसक्ति और हिंसा कम हो।
Takeaway
7वें व्रत का सार है: जरूरत के अनुसार उपयोग करना और इच्छाओं को मर्यादित रखना।