भरुच के जिनदास श्रावक को जिमाने से कितने साधर्मिको की भक्ति का लाभ मिलता ?
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Answer
भरुच के जिनदास श्रावक को जिमाने से एक करोड़ साधर्मिकों की भक्ति का लाभ मिलता है — ऐसा जैन परंपरा में वर्णित है।
Spiritual Understanding
यह प्रसंग साधर्मिक भक्ति की महिमा बताता है। जैन धर्म में साधर्मिक की सेवा, भक्ति और आदर को बहुत पुण्यकारी माना गया है, क्योंकि साधर्मिक धर्ममार्ग में सहयात्री होता है।
Takeaway
साधर्मिक भक्ति केवल भोजन कराने तक सीमित नहीं है; यह धर्मप्रेम, विनय और करुणा की भावना से की गई सेवा है।