सबकी अलग अलग होती है वह क्या है ?
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Answer
सबकी आत्मा अलग-अलग होती है।
Explanation
जैन धर्म के अनुसार हर जीव की अपनी स्वतंत्र आत्मा होती है। एक जीव की आत्मा दूसरे जीव की आत्मा नहीं बनती। प्रत्येक आत्मा अपने कर्मों की जिम्मेदार होती है और अपने कर्मों के अनुसार सुख-दुःख, जन्म-मरण और मोक्ष की यात्रा करती है।
Spiritual Understanding
इससे हमें समझ आता है कि हर जीव स्वतंत्र है, इसलिए किसी भी जीव को कष्ट नहीं देना चाहिए। यही भावना अहिंसा का आधार है।
Takeaway
सबकी आत्मा अलग-अलग है, इसलिए हर जीव का सम्मान करना जैन धर्म की मूल भावना है।