Runaluvad कर्म क्या होते हैं
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Answer
“Runaluvad कर्म” शब्द जैन दर्शन में प्रचलित या स्पष्ट रूप से स्थापित शब्द के रूप में मुझे ज्ञात नहीं है।
संभव है कि आपने किसी अन्य शब्द का उच्चारण या spelling लिखा हो, जैसे:
- रुणानुबंध कर्म
- अनुबन्ध कर्म
- राग-द्वेष से बंधने वाले कर्म
Explanation
जैन धर्म में कर्म अत्यंत सूक्ष्म पुद्गल माने गए हैं, जो आत्मा के राग, द्वेष, मोह, क्रोध, मान, माया और लोभ के कारण आत्मा से बंधते हैं।
मुख्य रूप से कर्मों के 8 प्रकार बताए गए हैं:
- ज्ञानावरणीय कर्म
- दर्शनावरणीय कर्म
- वेदनीय कर्म
- मोहनीय कर्म
- आयुष्य कर्म
- नाम कर्म
- गोत्र कर्म
- अंतराय कर्म
Takeaway
यदि आप “Runaluvad” शब्द का सही हिंदी/संस्कृत/प्राकृत रूप या संदर्भ बता दें, तो मैं जैन परंपरा के अनुसार उसका सही अर्थ समझा सकता हूँ।