आचार्य जयमलजी मा. सा ने९० दिन कौन सी तपस्या की
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उत्तर
आचार्य जयमलजी म. सा. ने 90 दिन की “मासक्षमण तपस्या” की थी — अर्थात लगातार 90 दिनों तक उपवास की कठोर तपस्या।
आध्यात्मिक समझ
जैन धर्म में ऐसी तपस्या आत्मशुद्धि, कर्म निर्जरा, इन्द्रिय-विजय और वैराग्य की गहरी साधना मानी जाती है। आचार्य जयमलजी म. सा. जैसे महापुरुषों की तपस्या हमें संयम, सहनशीलता और आत्मबल की प्रेरणा देती है।