14asuchi स्थान में एक
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Answer
जैन धर्म में 14 अशुचि स्थान शरीर की अपवित्रता को समझाने के लिए बताए जाते हैं।
उनमें से एक है:
मल स्थान — अर्थात जहाँ से मल का त्याग होता है।
Explanation
जैन दृष्टि से शरीर आत्मा का वास्तविक स्वरूप नहीं है। शरीर में अनेक अशुचि स्थान माने गए हैं, जिससे साधक को शरीर के प्रति मोह कम करने और आत्मा की शुद्धि पर ध्यान देने की प्रेरणा मिलती है।
Takeaway
14 अशुचि स्थानों का चिंतन वैराग्य और आत्म-जागृति बढ़ाने के लिए किया जाता है।