वहम् से बँध किसका हुआ
1
Answer
“वहम्” यानी भ्रम, मिथ्या समझ या गलत धारणा से आत्मा का कर्मों से बंध होता है।
Explanation
जैन दर्शन के अनुसार जब जीव वस्तु को जैसे वह है वैसे नहीं समझता, तो उसमें मिथ्यात्व, राग-द्वेष और कषाय उत्पन्न होते हैं। इन्हीं कारणों से आत्मा पर कर्मों का बंध होता है।
सरल शब्दों में:
- वहम् से गलत समझ पैदा होती है।
- गलत समझ से राग-द्वेष और कषाय बढ़ते हैं।
- इनसे आत्मा कर्मों से बँध जाती है।
Takeaway
जैन धर्म में सम्यक् दर्शन यानी सही श्रद्धा और सही समझ को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है, क्योंकि भ्रम और मिथ्यात्व ही कर्मबंध का मुख्य कारण बनते हैं।