शिव लिंग में प्रभु पार्श्वनाथ की स्थापना किसने की
जैन दृष्टिकोण से, शिव लिंग में प्रभु पार्श्वनाथ की स्थापना से संबंधित कोई प्रमाणिक जानकारी या उल्लेख जैन शास्त्रों, आगमों या ऐतिहासिक ग्रंथों में नहीं मिलता है। जैन धर्म में पार्श्वनाथ तीर्थंकर के रूप में पूज्य हैं और उनकी मूर्तियाँ आमतौर पर ध्यान मुद्रा या खड्गासन में बनाई जाती हैं, न कि शिवलिंग के रूप में या उसमें स्थापित की जाती हैं।
यदि यह प्रश्न किसी लोककथा, क्षेत्रीय मान्यता या अन्य धर्म की परंपरा से संबंधित है, तो जैन धर्म की दृष्टि से इसका कोई संबंध नहीं है। जैन धर्म में पूजा-पद्धति, मूर्तियों का स्वरूप और स्थापना के अपने विशिष्ट नियम हैं, जो अन्य धर्मों से भिन्न हैं।
यदि आपको पार्श्वनाथ या जैन मूर्तिकला, पूजा-पद्धति आदि पर जानकारी चाहिए, तो कृपया पूछें।