दीक्षा पर्याय में बड़े साधु कहलाते हैं
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Answer
हाँ, जैन परंपरा में दीक्षा पर्याय के आधार पर जो साधु पहले दीक्षित हुए होते हैं, वे बड़े साधु माने जाते हैं।
Explanation
दीक्षा पर्याय का अर्थ है — दीक्षा लिए हुए समय की वरिष्ठता।
उदाहरण के लिए:
- जिस साधु ने पहले दीक्षा ली है, वे दीक्षा-पर्याय से बड़े कहलाते हैं।
- जिस साधु ने बाद में दीक्षा ली है, वे दीक्षा-पर्याय से छोटे कहलाते हैं।
यह उम्र के आधार पर नहीं, बल्कि दीक्षा के क्रम के आधार पर होता है।
Spiritual Understanding
जैन साधु-संघ में विनय और मर्यादा का बहुत महत्व है। दीक्षा-पर्याय की वरिष्ठता मानने से संघ में अनुशासन, सम्मान और विनय बना रहता है।
Takeaway
जैन धर्म में साधु की वरिष्ठता मुख्य रूप से दीक्षा कब ली गई, इस आधार पर मानी जाती है; इसलिए पहले दीक्षित साधु बड़े साधु कहलाते हैं।