निर्जरा का एक भेद
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उत्तर
निर्जरा का एक भेद है: सविपाक निर्जरा।
स्पष्टीकरण
जब कर्म अपने समय पर फल देकर स्वतः नष्ट होते हैं, उसे सविपाक निर्जरा कहा जाता है।
निर्जरा के मुख्य दो भेद माने जाते हैं:
- सविपाक निर्जरा — कर्म फल देकर नष्ट होते हैं।
- अविपाक निर्जरा — तप, संयम आदि से कर्म समय से पहले नष्ट किए जाते हैं।
Takeaway
निर्जरा का अर्थ है आत्मा से कर्मों का क्षय होना।