संध्या के सुर्य को देखकर वैरागी कौन बने
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Answer
संध्या के सूर्य को देखकर वैरागी बनने वाले भगवान नेमिनाथ माने जाते हैं।
Explanation
जैन परंपरा में भगवान नेमिनाथ 22वें तीर्थंकर हैं। उनके जीवन में वैराग्य का प्रमुख प्रसंग विवाह के समय जीवों की करुण पुकार सुनकर जागृत हुआ था।
कुछ कथाओं में संध्या के सूर्य, संसार की क्षणभंगुरता और वैराग्य के भाव का उल्लेख भी आता है, लेकिन नेमिनाथ भगवान का मुख्य वैराग्य-कारण हिंसा के लिए बांधे गए पशुओं की करुण आवाज सुनना माना जाता है।
Takeaway
भगवान नेमिनाथ का वैराग्य हमें सिखाता है कि जीव-दया और अहिंसा से ही सच्ची आध्यात्मिक जागृति होती है।