जैन धर्म के अनुसार उल्टी करके कुष्ठ रोग किसने ठीक किया
जैन धर्म के अनुसार, उल्टी करके कुष्ठ रोग ठीक करने की कथा भगवान महावीर स्वामी से संबंधित है। यह घटना भगवान महावीर स्वामी के जीवन के दौरान घटी थी।
कथा के अनुसार, एक बार एक कुष्ठ रोगी (कुष्ठी) भगवान महावीर स्वामी के पास आया। वह बहुत पीड़ित था और उसने भगवान से अपने रोग से मुक्ति पाने के लिए प्रार्थना की। भगवान महावीर स्वामी ने करुणावश उसे अपने पास बुलाया और अपने मुख से निकली उल्टी (वमन) को उस कुष्ठी व्यक्ति के शरीर पर लगा दिया। भगवान की वमन के प्रभाव से उस व्यक्ति का कुष्ठ रोग शीघ्र ही ठीक हो गया।
यह कथा जैन धर्म में भगवान महावीर स्वामी की करुणा, तपस्या की शक्ति और उनके सम्यक् ज्ञान की महिमा को दर्शाती है। साथ ही, यह भी बताया गया है कि भगवान की आत्मशक्ति और तपस्या के प्रभाव से असाध्य रोग भी दूर हो सकते हैं, यदि व्यक्ति में श्रद्धा और समर्पण हो।
यह प्रसंग जैन आगमों और चरित्र ग्रंथों में मिलता है, और इसका उद्देश्य भगवान के करुणा भाव और तपश्चर्या की महिमा को प्रकट करना है।