जैन धर्म के अनुसार कमंडल से फूल किसने बरसाए
जैन धर्म के अनुसार, कमंडल से फूल बरसाने की घटना भगवान महावीर स्वामी के जीवन से संबंधित है। जब महावीर स्वामी को केवलज्ञान (सर्वज्ञता) की प्राप्ति हुई थी, तब इन्द्र आदि देवताओं ने उनकी वंदना की। इसी अवसर पर इन्द्र ने अपने कमंडल से दिव्य पुष्पवर्षा (फूलों की वर्षा) की थी। यह घटना भगवान महावीर के केवलज्ञान कल्याणक (चतुर्थ कल्याणक) के समय घटित हुई थी।
इस प्रसंग का उल्लेख जैन आगमों और महावीर स्वामी की जीवनकथाओं में मिलता है, जहाँ इन्द्रदेव ने भगवान के ऊपर अपने कमंडल से सुगंधित पुष्पों की वर्षा कर उनकी वंदना की।
सारांश: जैन धर्म के अनुसार, भगवान महावीर को केवलज्ञान प्राप्त होने पर इन्द्रदेव ने कमंडल से फूल बरसाए थे।