muja 50 jain qousteion chiya hai with answer but with prof kaha likkhaa hai hai begra begra and asa chhiya jo na sayaada kadin ho na sayada saraal ho and aapn ko digamber jain kai hisab sai chiya haai one 2 word answe hindi
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Answer
नीचे दिगम्बर जैन परंपरा के अनुसार 50 मध्यम-स्तर के Jain प्रश्न दिए हैं। उत्तर 1–2 शब्दों में हैं और साथ में प्रमाण/आधार भी दिया गया है।
| No. | Question | Answer | Proof / कहाँ लिखा है |
|---|---|---|---|
| 1 | दिगम्बर जैन धर्म में प्रथम तीर्थंकर कौन हैं? | ऋषभदेव | आदिपुराण, तिलोयपण्णत्ति |
| 2 | 24वें तीर्थंकर कौन हैं? | महावीर स्वामी | तिलोयपण्णत्ति, उत्तरपुराण |
| 3 | जैन धर्म में कुल कितने तीर्थंकर होते हैं? | 24 | तिलोयपण्णत्ति |
| 4 | पहले तीर्थंकर का चिन्ह क्या है? | बैल | जैन प्रतिमा-लक्षण परंपरा |
| 5 | महावीर स्वामी का चिन्ह क्या है? | सिंह | जैन प्रतिमा-लक्षण परंपरा |
| 6 | पार्श्वनाथ भगवान का चिन्ह क्या है? | सर्प | जैन प्रतिमा-लक्षण परंपरा |
| 7 | नेमिनाथ भगवान का चिन्ह क्या है? | शंख | जैन प्रतिमा-लक्षण परंपरा |
| 8 | जैन धर्म का मुख्य सिद्धांत क्या है? | अहिंसा | तत्त्वार्थसूत्र 7.13 |
| 9 | सम्यग्दर्शन, सम्यग्ज्ञान, सम्यक्चरित्र को क्या कहते हैं? | रत्नत्रय | तत्त्वार्थसूत्र 1.1 |
| 10 | मोक्षमार्ग के तीन रत्न कौन से हैं? | रत्नत्रय | तत्त्वार्थसूत्र 1.1 |
| 11 | जीव और अजीव का वर्णन किस ग्रंथ में है? | तत्त्वार्थसूत्र | तत्त्वार्थसूत्र अध्याय 2 और 5 |
| 12 | जैन दर्शन में मुख्य द्रव्य कितने हैं? | छह | तत्त्वार्थसूत्र 5.1 |
| 13 | जीव का लक्षण क्या है? | चेतना | तत्त्वार्थसूत्र 2.8 |
| 14 | मोक्ष कहाँ होता है? | सिद्धशिला | तिलोयपण्णत्ति, लोकविभाग |
| 15 | मोक्ष प्राप्त आत्मा को क्या कहते हैं? | सिद्ध | तत्त्वार्थसूत्र 10वाँ अध्याय |
| 16 | संसार का कारण क्या है? | कर्म | तत्त्वार्थसूत्र 8वाँ अध्याय |
| 17 | कर्म बंध का मुख्य कारण क्या है? | कषाय | तत्त्वार्थसूत्र 8.1 |
| 18 | चार मुख्य कषाय कौन से हैं? | क्रोधादि | तत्त्वार्थसूत्र 8.9 |
| 19 | ज्ञान के प्रकार कितने हैं? | पाँच | तत्त्वार्थसूत्र 1.9 |
| 20 | सर्वश्रेष्ठ ज्ञान कौन सा है? | केवलज्ञान | तत्त्वार्थसूत्र 1.9 |
| 21 | तीर्थंकर को कौन सा ज्ञान होता है? | केवलज्ञान | तत्त्वार्थसूत्र, आदिपुराण |
| 22 | दिगम्बर मुनि का मूल व्रत कितने हैं? | पाँच | मूलाचार |
| 23 | श्रावक के अणुव्रत कितने हैं? | पाँच | रत्नकरण्ड श्रावकाचार |
| 24 | अहिंसा का विपरीत क्या है? | हिंसा | तत्त्वार्थसूत्र 7वाँ अध्याय |
| 25 | सत्य व्रत का अर्थ क्या है? | सत्यवादिता | रत्नकरण्ड श्रावकाचार |
| 26 | अचौर्य का अर्थ क्या है? | चोरी त्याग | रत्नकरण्ड श्रावकाचार |
| 27 | ब्रह्मचर्य का अर्थ क्या है? | इन्द्रिय संयम | रत्नकरण्ड श्रावकाचार |
| 28 | अपरिग्रह का अर्थ क्या है? | परिग्रह त्याग | तत्त्वार्थसूत्र 7वाँ अध्याय |
| 29 | दिगम्बर परंपरा में मोक्ष के लिए मुख्य साधन क्या है? | चारित्र | समयसार, तत्त्वार्थसूत्र |
| 30 | नवकार मंत्र में प्रथम नमस्कार किसे है? | अरिहंत | णमोकार मंत्र परंपरा |
| 31 | नवकार मंत्र में कितने परमेष्ठी हैं? | पाँच | णमोकार मंत्र |
| 32 | पंच परमेष्ठी में अंतिम कौन हैं? | साधु | णमोकार मंत्र |
| 33 | अरिहंत कौन होते हैं? | केवली | जैन आगम परंपरा |
| 34 | सिद्ध कौन होते हैं? | मुक्तात्मा | तत्त्वार्थसूत्र 10वाँ अध्याय |
| 35 | आचार्य कौन होते हैं? | संघनायक | मूलाचार |
| 36 | उपाध्याय कौन होते हैं? | शास्त्रगुरु | मूलाचार |
| 37 | साधु कौन होते हैं? | संयमी | मूलाचार |
| 38 | दिगम्बर मुनि क्या धारण नहीं करते? | वस्त्र | मूलाचार, भगवती आराधना |
| 39 | जैन धर्म में आत्मा कैसी मानी गई है? | अनादि | समयसार, तत्त्वार्थसूत्र |
| 40 | आत्मा का स्वभाव क्या है? | ज्ञान-दर्शन | समयसार |
| 41 | पुद्गल किस द्रव्य का नाम है? | भौतिक | तत्त्वार्थसूत्र 5वाँ अध्याय |
| 42 | धर्म द्रव्य का कार्य क्या है? | गति-सहायक | तत्त्वार्थसूत्र 5.17 |
| 43 | अधर्म द्रव्य का कार्य क्या है? | स्थिति-सहायक | तत्त्वार्थसूत्र 5.17 |
| 44 | आकाश द्रव्य का कार्य क्या है? | अवकाश | तत्त्वार्थसूत्र 5वाँ अध्याय |
| 45 | काल द्रव्य का कार्य क्या है? | परिणाम | तत्त्वार्थसूत्र 5वाँ अध्याय |
| 46 | सम्यग्दर्शन का अर्थ क्या है? | सच्ची श्रद्धा | तत्त्वार्थसूत्र 1.2 |
| 47 | सम्यग्ज्ञान का अर्थ क्या है? | सच्चा ज्ञान | तत्त्वार्थसूत्र 1वाँ अध्याय |
| 48 | सम्यक्चरित्र का अर्थ क्या है? | सही आचरण | तत्त्वार्थसूत्र 9वाँ अध्याय |
| 49 | मोक्ष का अर्थ क्या है? | कर्ममुक्ति | तत्त्वार्थसूत्र 10.2 |
| 50 | जैन धर्म में अंतिम लक्ष्य क्या है? | मोक्ष | तत्त्वार्थसूत्र 1.1 |
Takeaway
ये प्रश्न दिगम्बर जैन दर्शन, तीर्थंकर, पंच परमेष्ठी, रत्नत्रय, द्रव्य, कर्म और व्रतों पर आधारित हैं। उत्तर छोटे रखे गए हैं ताकि याद करना आसान हो, और प्रमाण के लिए प्रमुख दिगम्बर मान्य ग्रंथों का आधार दिया गया है।