जो ज्ञान का अंजन करने वाले है?
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Answer
जैन परंपरा में “ज्ञान का अंजन करने वाले” शब्दों का भावार्थ सामान्यतः गुरु, आचार्य, उपाध्याय या जिनवाणी के उपदेशक से जुड़ता है।
वे अज्ञानरूपी अंधकार को दूर करके आत्मा को सही ज्ञान की दिशा में जागृत करते हैं।
Explanation
जैसे आँखों में अंजन लगाने से दृष्टि स्पष्ट होती है, वैसे ही:
- सम्यक ज्ञान आत्मा की सही दृष्टि को स्पष्ट करता है।
- गुरु और जिनवाणी जीव को मिथ्यात्व, मोह और अज्ञान से बाहर निकालते हैं।
- तीर्थंकर भगवान पूर्ण ज्ञान के प्रकाशक हैं, जिनकी वाणी से मोक्षमार्ग प्रकट होता है।
Spiritual Understanding
जैन धर्म में सच्चा ज्ञान केवल बाहरी जानकारी नहीं है, बल्कि आत्मा, कर्म, बंध, संवर, निर्जरा और मोक्ष को समझने वाला ज्ञान है। जो जीव को आत्मकल्याण की दिशा दिखाए, वही वास्तव में “ज्ञान का अंजन” करता है।
Takeaway
ज्ञान का अंजन करने वाले वे हैं जो अज्ञान को हटाकर आत्मा को सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चरित्र की ओर ले जाते हैं।