जैन धर्म के अनुसार , भक्ति से सोने जैसा शरीर किसका हो गया
जैन धर्म के अनुसार, भक्ति के प्रभाव से सोने जैसा शरीर "श्री तृणाबिंदु" का हो गया था। यह कथा प्रमुख रूप से जैन धर्म के भक्ति साहित्य एवं पुराणों में मिलती है। श्री तृणाबिंदु ने अपनी गहन भक्ति और श्रद्धा के कारण अपने शरीर को सोने के समान बना लिया था, जिससे उनकी भक्ति का प्रभाव और महिमा प्रकट होती है।
यह प्रसंग विशेष रूप से यह दर्शाता है कि जैन धर्म में भक्ति (आराधना, पूजा, श्रद्धा) का कितना महत्व है, और सच्ची भक्ति से असंभव भी संभव हो सकता है।