Shrenik Raja Ko Kiska Abhiman tha
श्रेणिक राजा (जो मगध के प्रसिद्ध राजा बिंबिसार के रूप में भी जाने जाते हैं) का अभिमान उनके राज्य, शक्ति और समृद्धि को लेकर था। जैन धर्म के अनुसार, श्रेणिक राजा भगवान महावीर के समकालीन थे। वे महावीर स्वामी के उपदेशों से अत्यंत प्रभावित थे, किंतु उनमें अपनी सत्ता और सांसारिक वैभव का अहंकार भी था।
एक कथा के अनुसार, श्रेणिक राजा ने भगवान महावीर से पूछा था कि उन्हें मोक्ष कब मिलेगा। भगवान महावीर ने उत्तर दिया कि जब तक उनका 'राज्याभिमान' (राज्य का गर्व) समाप्त नहीं होगा, तब तक मोक्ष की प्राप्ति नहीं होगी। इसका अर्थ है कि श्रेणिक राजा का अभिमान उनके राज्य और सांसारिक पद से जुड़ा था।
जैन धर्म में अभिमान (अहंकार) को बंधनकारक माना गया है, और यह मोक्ष प्राप्ति में बाधा है। अतः श्रेणिक राजा का अभिमान उनके राज्य और सांसारिक ऐश्वर्य के प्रति था।