Kaunse asgam ki rachana champa me hui in hindi
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उत्तर
जैन परंपरा के अनुसार चंपा नगरी में 12 अंगों की रचना/संघटित व्यवस्था हुई मानी जाती है।
Explanation
चंपा में जैन आगमों को व्यवस्थित रूप से संकलित करने का कार्य हुआ था। परंपरा में इसे चंपा वाचना से जोड़ा जाता है।
12 अंगों के नाम हैं:
- आचारांग सूत्र
- सूत्रकृतांग सूत्र
- स्थानांग सूत्र
- समवायांग सूत्र
- भगवती सूत्र / व्याख्याप्रज्ञप्ति
- ज्ञाताधर्मकथा
- उपासकदशा
- अन्तकृद्दशा
- अनुत्तरौपपातिकदशा
- प्रश्नव्याकरण
- विपाक सूत्र
- दृष्टिवाद
Takeaway
चंपा नगरी जैन आगम परंपरा में महत्वपूर्ण स्थान रखती है, क्योंकि वहाँ आगमों की वाचना और व्यवस्था से संबंधित परंपरा मानी जाती है।