भक्तांबर स्त्रोत में कितनी मात्राएं हैं
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उत्तर
भक्तामर स्तोत्र में परंपरागत रूप से 48 गाथाएँ/श्लोक माने जाते हैं।
यदि आप “मात्राएँ” से छंद की मात्रा पूछ रहे हैं, तो भक्तामर स्तोत्र के श्लोक वसंततिलका छंद में रचे गए हैं। इसमें प्रत्येक चरण में सामान्यतः 14 अक्षर होते हैं।
स्पष्टीकरण
भक्तामर स्तोत्र आचार्य मानतुंग द्वारा रचित अत्यंत प्रसिद्ध जैन स्तोत्र है। इसमें भगवान आदिनाथ की भक्तिपूर्वक स्तुति की गई है।
निष्कर्ष
सामान्य प्रश्न में उत्तर है: भक्तामर स्तोत्र में 48 श्लोक हैं।