आत्मानुशासन जैन धर्म ग्रंथ के रचयिता
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उत्तर
आत्मानुशासन जैन धर्म का प्रसिद्ध ग्रंथ है, जिसके रचयिता आचार्य गुणभद्र माने जाते हैं।
संक्षिप्त जानकारी
आचार्य गुणभद्र दिगंबर जैन परंपरा के महान आचार्य थे। आत्मानुशासन में आत्मा के कल्याण, संयम, वैराग्य और मोक्षमार्ग से जुड़े उपदेश दिए गए हैं।
Takeaway
आत्मानुशासन का मुख्य संदेश है कि मनुष्य को अपनी आत्मा का अनुशासन करते हुए राग-द्वेष से मुक्त होकर मोक्षमार्ग की ओर बढ़ना चाहिए।