आप्त मीमांस के लेखक
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उत्तर
आप्त मीमांसा के लेखक आचार्य समन्तभद्र स्वामी हैं।
संक्षिप्त जानकारी
आप्त मीमांसा जैन दर्शन का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है। इसमें आचार्य समन्तभद्र ने आप्त अर्थात् विश्वसनीय, सर्वज्ञ और दोषरहित पुरुष — विशेष रूप से अरिहंत/तीर्थंकर — के स्वरूप और प्रमाणिकता का विवेचन किया है।
Takeaway
आप्त मीमांसा जैन तर्क, प्रमाण और अनेकांत दर्शन को समझने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण ग्रंथ माना जाता है।