भगवान महावीर का कैवल्य प्राप्ति के पश्चात प्रथम वर्ष वास
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Answer
भगवान महावीर ने केवलज्ञान प्राप्त करने के पश्चात अपना प्रथम वर्षावास राजगृह में किया था।
Explanation
जैन परंपरा के अनुसार भगवान महावीर को जृम्भिकग्राम के समीप ऋजुपालिका नदी के तट पर केवलज्ञान प्राप्त हुआ। केवलज्ञान के बाद उन्होंने धर्म-प्रवर्तन आरंभ किया और उनका प्रथम चातुर्मास / वर्षावास राजगृह में माना जाता है।
राजगृह उस समय मगध राज्य का प्रमुख नगर था और राजा श्रेणिक बिंबिसार से भी भगवान महावीर का संबंध जैन परंपरा में वर्णित है।
Takeaway
भगवान महावीर का केवलज्ञान के पश्चात प्रथम वर्षावास राजगृह में हुआ माना जाता है, जो उनके धर्म-प्रभावना काल का महत्वपूर्ण आरंभिक स्थान है।