ग्यारह अंग की पाठी, नारी थी अति सुंदर। सर्वप्रथम जिसके लिए, रचा गया स्वयंवर।
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Answer
यह संकेत द्रौपदी की ओर है।
Explanation
जैन परंपरा में द्रौपदी अत्यंत सुंदर और विशिष्ट स्त्री मानी गई हैं। उनके लिए स्वयंवर आयोजित हुआ था, जिसमें अर्जुन ने लक्ष्य-भेदन कर उन्हें वरण किया।
“ग्यारह अंग की पाठी” का अर्थ सामान्यतः यह माना जाता है कि वे अत्यंत विदुषी थीं और शास्त्र-ज्ञान से युक्त थीं।
Takeaway
इस पहेली का उत्तर: द्रौपदी.