Sutra Kise khte hai
जैन धर्म में "सूत्र" (Sutra) का अर्थ है – संक्षिप्त और सूत्रबद्ध रूप में लिखे गए धार्मिक ग्रंथ या शास्त्र। ये सूत्र साधारणतया भगवान महावीर, तीर्थंकरों या आचार्यों की वाणी का संग्रह होते हैं, जिन्हें उनके शिष्यों ने संकलित किया। सूत्रों में जैन धर्म के सिद्धांत, आचार, संयम, ध्यान, तप, और मोक्षमार्ग आदि का संक्षिप्त वर्णन होता है।
जैसे – "आचारांग सूत्र", "सूत्रकृतांग", "उत्तराध्ययन सूत्र" आदि जैन आगमों में प्रमुख सूत्र हैं। ये ग्रंथ श्वेतांबर परंपरा के आगम साहित्य का मुख्य आधार हैं। सूत्रों का अध्ययन और पठन जैन साधु-साध्वियों और श्रावकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।