नियम :- 1. फार्म संयोजक के हस्ताक्षरयुक्त मान्य होंगे। 2. सहयोग राशि 10 रूपये प्रति फार्म। 3. फार्म जमा कराने का समय अगले दिन प्रातः 12:00 बजे तक। प्र.1. श्रेयास नाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक के दिन कौनसा पर्व मनाया जाता है? प्र.2. वर्तमान हुंडा अप सर्प
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उत्तर
- श्रेयांसनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक के दिन — अक्षय तृतीया पर्व मनाया जाता है।
- वर्तमान हुंडा अवसर्पिणी काल में जैन धर्म के प्रथम उपदेशक — भगवान ऋषभदेव / आदिनाथ।
- महावीर भगवान के निर्वाण के बाद अंतिम पाँच श्रुतकेवली —
- विशाखाचार्य
- प्रोष्ठिलाचार्य
- क्षत्रियाचार्य
- जयसेनाचार्य
- नागसेनाचार्य
- सिद्ध परमेष्ठी सबसे ऊँचे होते हुए भी पहले अरिहंत को नमस्कार क्यों?
क्योंकि अरिहंत भगवान ही हमें धर्म का उपदेश देते हैं, तीर्थ की स्थापना करते हैं और मोक्षमार्ग बताते हैं। सिद्ध भगवान पूर्ण मुक्त हैं, पर वे उपदेश नहीं देते। इसलिए नवकार मंत्र में पहले अरिहंत परमेष्ठी को नमस्कार किया जाता है।
- अनन्त दर्शन की प्राप्ति — दर्शनावरणीय कर्म के नष्ट होने पर होती है।
- मुनिराज का सावधानीपूर्वक चलना — ईर्या समिति कहलाता है।
- जो आप्त द्वारा कहा गया हो, गणधरों द्वारा गूँथा गया हो, जिसे मुनियों द्वारा लिखा गया हो — आगम।
- भविष्य कालीन प्रथम और अंतिम तीर्थंकर —
- प्रथम: पद्मनाभ भगवान
- अंतिम: महाभद्र भगवान
- मिथिला नगरी में जन्मे तीर्थंकर — 2 तीर्थंकर।
- भगवान मल्लिनाथ
- भगवान नमिनाथ
- आचार्य विद्यासागर जी महाराज के गुरु — आचार्य ज्ञानसागर जी महाराज।