ऐसी कौन से तीर्थंकर रहे हैं जिनका गर्भ और मोक्ष कल्याणक एक ही तिथि को हुआ
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उत्तर
जैन परंपरा में दो तीर्थंकरों के गर्भ कल्याणक और मोक्ष कल्याणक की तिथि एक ही मानी जाती है:
- भगवान अजितनाथ — दोनों कल्याणक माघ शुक्ल दशमी को माने जाते हैं।
- भगवान शीतलनाथ — दोनों कल्याणक वैशाख कृष्ण द्वितीया को माने जाते हैं।
स्पiritual Understanding
जैन धर्म में तीर्थंकरों के पंचकल्याणक अत्यंत पवित्र माने जाते हैं। गर्भ कल्याणक आत्मा के तीर्थंकर-नामकर्म सहित माता के गर्भ में अवतरण से जुड़ा है, और मोक्ष कल्याणक आत्मा के समस्त कर्मों से मुक्त होकर सिद्ध अवस्था प्राप्त करने से संबंधित है।
Takeaway
भगवान अजितनाथ और भगवान शीतलनाथ ऐसे तीर्थंकर हैं जिनके गर्भ और मोक्ष कल्याणक एक ही तिथि पर माने जाते हैं।