कितने तीर्थंकर खड़कासन से मोक्ष के कितने तीर्थंकर पद्मासन से मोक्ष के नाम सहित बताएं
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उत्तर
जैन परंपरा के अनुसार वर्तमान अवसर्पिणी काल के 24 तीर्थंकरों में:
- 21 तीर्थंकरों ने खड़गासन / कायोत्सर्ग मुद्रा से मोक्ष प्राप्त किया।
- 3 तीर्थंकरों ने पद्मासन से मोक्ष प्राप्त किया।
पद्मासन से मोक्ष प्राप्त करने वाले 3 तीर्थंकर
- 1. भगवान ऋषभदेव / आदिनाथ
- 22. भगवान नेमिनाथ
- 24. भगवान महावीर स्वामी
खड़गासन / कायोत्सर्ग से मोक्ष प्राप्त करने वाले 21 तीर्थंकर
- 2. भगवान अजितनाथ
- 3. भगवान संभवनाथ
- 4. भगवान अभिनंदननाथ
- 5. भगवान सुमतिनाथ
- 6. भगवान पद्मप्रभु
- 7. भगवान सुपार्श्वनाथ
- 8. भगवान चंद्रप्रभु
- 9. भगवान पुष्पदंत / सुविधिनाथ
- 10. भगवान शीतलनाथ
- 11. भगवान श्रेयांसनाथ
- 12. भगवान वासुपूज्य
- 13. भगवान विमलनाथ
- 14. भगवान अनंतनाथ
- 15. भगवान धर्मनाथ
- 16. भगवान शांतिनाथ
- 17. भगवान कुंथुनाथ
- 18. भगवान अरनाथ
- 19. भगवान मल्लिनाथ
- 20. भगवान मुनिसुव्रतनाथ
- 21. भगवान नमिनाथ
- 23. भगवान पार्श्वनाथ
अर्थ
- खड़गासन / कायोत्सर्ग का अर्थ है शरीर से पूर्ण विरक्ति रखते हुए स्थिर खड़े होकर ध्यान।
- पद्मासन का अर्थ है कमलासन में बैठकर ध्यान।
Takeaway
मोक्ष का मुख्य कारण आसन नहीं, बल्कि पूर्ण राग-द्वेष रहित अवस्था, केवलज्ञान के बाद समस्त कर्मों का क्षय और आत्मा की शुद्ध सिद्ध अवस्था है।