10 din upvaas ki anomodhna
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अनुमोदना
10 दिन के उपवास की बहुत-बहुत अनुमोदना।
आपने शरीर की सुविधा से ऊपर उठकर आत्म-शुद्धि, संयम और तप की भावना को प्रधानता दी है। Jain Dharma में उपवास केवल भोजन का त्याग नहीं, बल्कि राग-द्वेष को कम करने, कषायों को शांत करने और आत्मा के निकट जाने का साधन माना गया है।
भावना
आपके इस तप से:
- आत्मबल में वृद्धि हो
- कषायों की निर्जरा हो
- सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चारित्र की भावना मजबूत हो
- आपके जीवन में शांति, संयम और धर्मभाव बढ़े
मंगल कामना
भगवान महावीर स्वामी की वाणी और जिनशासन की कृपा से आपका तप सफल हो। आपका यह 10 दिन का उपवास आत्मकल्याण का कारण बने।
तप की खूब-खूब अनुमोदना।